पिण्डारूच में खादी पुनरुत्थान दिवस आयोजित, महिलाओं की भागीदारी पर जोर
रिपोर्ट : सीतेश कान्त चौधरी, वरिष्ठ पत्रकार

दरभंगा। केवटी प्रखंड के पिण्डारूच गांव में गांधी जयंती एवं शास्त्री जयंती के अवसर पर अनादि फाउण्डेशन के तत्वावधान में अनादि खादी एवं ग्रामोद्योग विकास संस्थान द्वारा खादी पुनरुत्थान दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की तस्वीरों पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद “वैष्णव जन तो तेने कहिए” वंदना प्रस्तुत कर गांधीजी को श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में नाबार्ड की जिला विकास पदाधिकारी श्रीमती राजनंदिनी मुख्य अतिथि तथा श्री ललित रंजन दत्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। अध्यक्षता वयोवृद्ध शिवकांत झा ने की। उन्होंने खादी उद्योग के पुनरुद्धार के लिए संस्था की पहल की सराहना करते हुए क्षेत्र की महिलाओं से खादी एवं ग्रामोद्योग गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से ग्रामीण स्तर पर रोजगार और स्वावलंबन के अवसर बढ़ सकते हैं।

कार्यक्रम में विशिष्ट वक्ता नवीन चौधरी एवं मणिकांत चौधरी ने खादी और ग्रामोद्योग की उपयोगिता और ग्रामीण क्षेत्रों में विस्तार की संभावनाओं पर विचार रखे। उन्होंने संसाधनों का उपयोग कर रोजगारपरक गतिविधियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। संस्था के संचालक एवं दिल्ली विश्वविद्यालय से अवकाश प्राप्त प्रो. प्रदीप कांत चौधरी ने कहा कि खादी एवं ग्रामोद्योग के पुनरुत्थान के लिए संस्था की ओर से प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने लोगों को खादी से जोड़ने और इसके उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही। कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन के दौरान गांधीजी के स्वदेशी, स्वावलंबन और ग्राम विकास से जुड़े विचारों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि खादी को केवल परिधान नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार से जुड़े माध्यम के तौर पर भी देखा जाना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में प्रो. प्रदीप कांत चौधरी ने अतिथियों और उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।



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