कोलकाता, 12 मार्च 2026: किडनी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने और क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) की रोकथाम पर जोर देने के उद्देश्य से Kidney Care Society ने Nephrocare India Private Limited के सहयोग से वर्ल्ड किडनी डे 2026 के अवसर पर एक साइंटिफिक सिंपोजियम का सफल आयोजन किया। यह कार्यक्रम कोलकाता के The Stadl Hotel में आयोजित किया गया, जिसमें कई जाने-माने नेफ्रोलॉजिस्ट और हेल्थकेयर विशेषज्ञ शामिल हुए।
इस वर्ष वर्ल्ड किडनी डे की वैश्विक थीम “Kidney Health for All – Caring for People, Protecting the Planet” रही। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम लोगों और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स को किडनी की बीमारियों की जल्दी पहचान, रोकथाम और समग्र उपचार के बारे में जागरूक करना था।
विशेषज्ञों ने साझा की महत्वपूर्ण जानकारियाँ
सिंपोजियम के दौरान विशेषज्ञों ने किडनी स्वास्थ्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। इनमें क्रिएटिनिन लेवल का प्रबंधन, डायलिसिस की प्रक्रिया, क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) की देखभाल, तथा किडनी फंक्शन को बेहतर बनाने के लिए जीवनशैली में बदलाव जैसे विषय प्रमुख रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत इनॉगरेशन सेरेमनी और लैंप लाइटिंग के साथ हुई। इसके बाद प्रसिद्ध नेफ्रोलॉजिस्ट Pratim Sengupta ने उद्घाटन भाषण दिया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि Dilip Baidya भी उपस्थित रहे और उन्होंने अपने अनुभव साझा किए।
विशेषज्ञों की सहभागिता
प्रारंभिक सत्र में कई प्रमुख विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। इनमें Tathagata Mukherjee, Sourav Sadhukhan, Prabhab Bansali और Subhabrata Bhattacharjee शामिल रहे। इन विशेषज्ञों ने किडनी स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए लोगों को जागरूक रहने और नियमित जांच कराने की सलाह दी।
“किडनी रोग एक साइलेंट किलर”
इस अवसर पर मीडिया से बातचीत करते हुए नेफ्रोकेयर के फाउंडर एवं डायरेक्टर डॉ. प्रतीम सेनगुप्ता ने कहा कि किडनी की बीमारी को अक्सर “साइलेंट किलर” कहा जाता है क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण अक्सर स्पष्ट नहीं होते। उन्होंने बताया कि सीरम क्रिएटिनिन, ब्लड यूरिया नाइट्रोजन और ग्लोमेरुलर फिल्ट्रेशन रेट (GFR) जैसे नियमित किडनी फंक्शन टेस्ट समय रहते बीमारी का पता लगाने में मदद करते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि समय पर डायग्नोसिस और प्रिवेंटिव केयर पर ध्यान दिया जाए तो क्रोनिक किडनी डिजीज का बोझ काफी हद तक कम किया जा सकता है।
मरीजों के लिए समर्पित संस्थान
नेफ्रोकेयर इंडिया एक कम्प्रीहेंसिव और मरीज-फ्रेंडली किडनी केयर इंस्टीट्यूट है, जिसकी स्थापना दिसंबर 2021 में डॉ. प्रतीम सेनगुप्ता ने की थी। यह संस्थान किडनी रोग से पीड़ित मरीजों को किफायती और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कार्य कर रहा है।
यहां मरीजों के इलाज के लिए सभी निर्णय पैथोलॉजी और लैबोरेटरी रिपोर्टिंग के आधार पर लिए जाते हैं, जिससे बीमारी का सटीक विश्लेषण कर प्रभावी उपचार प्रदान किया जा सके। संस्थान का लक्ष्य मरीजों को चिकित्सा के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं से भरी देखभाल देना है।
जागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
इस वैज्ञानिक संगोष्ठी के माध्यम से विशेषज्ञों ने किडनी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, समय पर जांच कराने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लोगों को सही जानकारी और समय पर उपचार मिले तो किडनी रोग के बढ़ते खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। यह कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
0 Comments