गलतियां लिखीं, आभार जताया और पत्थरों में गढ़ा अहिंसा का संदेश
रिपोर्ट : सीतेश चौधरी
पिण्डारूच, दरभंगा। गांधी जयंती और शास्त्री जयंती पर द्रोण एकेडमी के विद्यार्थियों ने कुछ ऐसा किया, जिसने पूरे आयोजन को सामान्य समारोह से अलग बना दिया। किसी ने अपनी छिपी हुई गलती को सार्वजनिक किया तो किसी ने विद्यालय के कर्मचारियों को धन्यवाद कार्ड देकर उनके योगदान को सम्मान दिया। वहीं कुछ बच्चों ने साधारण पत्थरों को रंगों से सजाकर अहिंसा का संदेश देने वाले उपहार तैयार किए। केवटी प्रखंड के पिण्डारूच गांव में सामाजिक संस्था मेधा कुञ्ज के तत्वावधान में संचालित द्रोण एकेडमी में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि से हुई। इसके बाद विद्यार्थियों के लिए सत्य, आत्ममंथन, कृतज्ञता और अहिंसा से जुड़ी गतिविधियां कराई गईं। ‘सत्य की दीवार’ प्रतियोगिता में 20 बच्चों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने बोर्ड पर अपनी ऐसी गलतियां लिखीं, जिनका जिक्र उन्होंने पहले किसी अन्य व्यक्ति से नहीं किया था। इसके बाद सभी ने भविष्य में ऐसी भूलों को दोहराने से बचने का संकल्प लिया। ‘थैंक यू कार्ड’ प्रतियोगिता में 17 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। बच्चों ने स्वयं कार्ड तैयार किए और विद्यालय के अशैक्षणिक कर्मचारियों को भेंट करते हुए उनके कार्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। इसके बाद ‘अहिंसा के पत्थर’ प्रतियोगिता में 15 विद्यार्थियों ने भाग लिया। उन्होंने साधारण पत्थरों को रंगों से सजाकर पेपरवेट तैयार किए और इन्हें शिक्षकों को उपहार के रूप में दिया। गतिविधियों के जरिए बच्चों को यह समझाने की कोशिश की गई कि सत्य, अहिंसा और कृतज्ञता जैसे मूल्य केवल पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं, बल्कि रोजमर्रा के जीवन में अपनाए जाने वाले व्यवहार हैं।

प्रतियोगिताओं के परिणाम में ‘थैंक यू कार्ड’ में अन्नू कुमारी ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि ‘अहिंसा के पत्थर’ में राखी कुमारी विजेता बनीं। दोनों प्रतियोगिताओं में कृष्णदेव आजाद उपविजेता रहे। मेधा कुञ्ज के सचिव एवं विद्यालय के निदेशक सह प्रधानाचार्य ज्ञानेश चौधरी ने विजेता तथा सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार प्रदान किए। समारोह में ‘फ्रूट डे’ भी मनाया गया। विद्यार्थी अपने घरों से फल लेकर आए और सभी ने एक-दूसरे के साथ फल साझा किए। इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों में साझेदारी और सामूहिकता की भावना को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम का संचालन मेधा कुञ्ज के सदस्य अनु कुमार दास ने किया, जबकि आयोजन की देखरेख विद्यालय के सदस्य कमलेश कुमार ने की। अंत में निदेशक सह प्रधानाचार्य ज्ञानेश चौधरी ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया। द्रोण एकेडमी का यह आयोजन इसलिए उल्लेखनीय रहा कि यहां गांधी और शास्त्री की जयंती को केवल पुष्पांजलि और संबोधन तक सीमित नहीं रखा गया। विद्यार्थियों को अपनी भूलों पर विचार करने, दूसरों के योगदान को पहचानने, शिक्षकों के प्रति सम्मान जताने और साथियों के साथ चीजें साझा करने का अवसर मिला। इस प्रकार विद्यालय में मनाया गया समारोह बच्चों के लिए सीख, संवेदना और रचनात्मकता से जुड़ा अनुभव बनकर सामने आया।



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