दरभंगा में ‘अष्टदल’ महोत्सव का चौथा दिन
चित्रपट प्रदर्शन ने बांधा समां, दर्शकों में दिखा उत्साह
दरभंगा के हराही स्थित बहुद्देशीय भवन में चल रहे ‘अष्टदल’ महोत्सव के चौथे दिन सोमवार को चित्रपट प्रदर्शन का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम में कला और संस्कृति की अनूठी झलक देखने को मिली।
शहर के लोगों में इस आयोजन को लेकर खास उत्साह दिखा।
मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कला संस्कृति पदाधिकारी चंदन कुमार मौजूद रहे।
मैथिली वेब श्रृंखला ‘नून-रोटी’ के निर्देशक विकास झा भी विशेष रूप से शामिल हुए।
विशिष्ट अतिथियों में शामिल रहे:
- वेद प्रकाश
- प्रकाश बंधु
- श्याम भास्कर
- गुंजन श्री
अतिथियों ने आयोजन की सराहना की और कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का आगाज
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रीति से दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
इसके बाद अतिथियों का सम्मान किया गया।
फिर चित्रपट प्रदर्शन की शुरुआत हुई।
चित्रपटों में दिखी समाज और जीवन की तस्वीर
इस अवसर पर कई विषयों पर आधारित चित्रपटों का प्रदर्शन किया गया।
हर प्रस्तुति ने दर्शकों को सोचने पर मजबूर किया।
प्रमुख चित्रपट इस प्रकार रहे:
- थपकी
- माछ
- ड्रीम्स अंडर सेज
- अपन मिथिला
- इकिगाई
इन चित्रपटों में स्थानीय जीवन, भावनाएं और आधुनिक सोच का संगम दिखा।
महोत्सव की अवधारणा और उद्देश्य
कार्यक्रम के संयोजक सागर सिंह ने महोत्सव की जानकारी दी।
“यह आठ दिवसीय आयोजन कला और रंगमंच को समर्पित है, जो कलाकारों को मंच देने का प्रयास है।”
उन्होंने बताया कि यह आयोजन विश्व रंगमंच दिवस से लेकर हिंदी रंगमंच दिवस तक चल रहा है।
आगे भी जारी रहेगा कार्यक्रम
महोत्सव के आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी जानकारी दी गई।
सोमवार शाम 06:00 बजे नृत्य प्रस्तुति का आयोजन निर्धारित है।
इसमें विभिन्न राज्यों से आए कलाकार भाग लेंगे।
देशभर के कलाकारों का होगा संगम
इस महोत्सव में देश के विभिन्न हिस्सों से कलाकार दरभंगा पहुंच रहे हैं।
यह आयोजन कई कला विधाओं को एक मंच पर ला रहा है:
- रंगमंच
- नृत्य
- चित्रपट
- लोक संस्कृति
इससे स्थानीय कलाकारों को भी पहचान मिल रही है।
आयोजन में युवाओं की सक्रिय भागीदारी
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में युवाओं की अहम भूमिका रही।
प्रमुख सहयोगी सदस्य:
| नाम | योगदान |
|---|---|
| अमन सिंह | आयोजन सहयोग |
| शिवम् शांडिल्य | प्रबंधन |
| सत्यम् शब्दवर्धन | समन्वय |
| नेहा कुमारी | सहयोग |
| हर्षित कुमार | तकनीकी कार्य |
| आर्यन | व्यवस्था |
| विशाल | प्रबंधन |
| किसुन | सहयोग |
| संध्या | समन्वय |
| नीलेश | संचालन |
इन सभी ने मिलकर आयोजन को सफल बनाया।
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